जीवन में बार-बार रुकावट क्यों आती है? क्या ग्रह जिम्मेदार हैं?
- Acharya Neeraj sharma
- 22 जन॰
- 2 मिनट पठन
बहुत से लोग यह सवाल मन में लेकर चलते हैं—
“मैं मेहनत करता हूँ, ईमानदारी से काम करता हूँ, फिर भी हर बार कोई न कोई रुकावट आ जाती है। आखिर क्यों?”
यह समस्या सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं है। समाज में बड़ी संख्या में लोग इसी मानसिक दबाव से गुजरते हैं। ज्योतिष के अनुसार, जीवन में बार-बार आने वाली रुकावटों के पीछे केवल भाग्य नहीं, बल्कि ग्रहों की स्थिति, समय (दशा) और हमारे कर्म—तीनों का सम्मिलित प्रभाव होता है।
सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि रुकावट का मतलब दुर्भाग्य नहीं होता। कई बार यह जीवन का संकेत होता है कि दिशा बदलने या सोच सुधारने की आवश्यकता है।
ज्योतिषीय कारण क्या हो सकते हैं?
1. शनि का प्रभाव
शनि कर्म, धैर्य और अनुशासन का ग्रह है। जब शनि की दशा या प्रभाव अनुकूल नहीं होता, तब व्यक्ति को बार-बार देरी, रुकावट और संघर्ष का सामना करना पड़ता है।
शनि तुरंत फल नहीं देता, लेकिन स्थायी फल देता है।
2. राहु–केतु का असंतुलन
राहु भ्रम पैदा करता है और केतु वैराग्य। इनके असंतुलन से व्यक्ति सही निर्णय नहीं ले पाता, जिससे प्रयास के बावजूद परिणाम रुक जाते हैं।
3. दशा और समय का प्रभाव
कई बार कुंडली अच्छी होती है, लेकिन समय साथ नहीं देता। गलत समय में सही काम करने पर भी अपेक्षित फल नहीं मिलता।
4. कर्म और व्यवहार
ज्योतिष यह भी मानता है कि कुछ रुकावटें हमारे स्वभाव, अधीरता, क्रोध और गलत निर्णयों के कारण भी आती हैं। ग्रह केवल संकेत देते हैं, निर्णय हम स्वयं करते हैं।
क्या हर रुकावट ग्रहों की वजह से ही होती है?
नहीं। यह एक बड़ी गलतफहमी है।
हर समस्या का कारण केवल ग्रह नहीं होते।
ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि सही मार्गदर्शन देना है।
सरल और सुरक्षित उपाय
– अपने कार्य में निरंतरता बनाए रखें
– शनिवार को जरूरतमंदों और बुजुर्गों की सहायता करें
– प्रतिदिन सूर्य को जल अर्पित करें
– क्रोध और जल्दबाज़ी में निर्णय लेने से बचें
– बिना कुंडली जाँच के रत्न या ताबीज न पहनें
ये उपाय सामान्य हैं और किसी प्रकार का नुकसान नहीं करते।
एक महत्वपूर्ण सच्चाई
जीवन में आने वाली रुकावटें हमें कमजोर करने नहीं, बल्कि मजबूत बनाने आती हैं। सही समय और सही मार्गदर्शन मिलने पर यही रुकावटें भविष्य की सफलता की नींव बनती हैं।
हर व्यक्ति की कुंडली अलग होती है, इसलिए सामान्य जानकारी के साथ व्यक्तिगत विश्लेषण आवश्यक होता है।
निष्कर्ष
अगर आपके जीवन में बार-बार रुकावटें आ रही हैं, तो घबराने की आवश्यकता नहीं है।
समस्या को समझना ही समाधान की पहली सीढ़ी है।
ज्योतिष डर नहीं, दिशा देता है—जब उसे सही दृष्टि से समझा जाए।



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