गुप्त नवरात्रि
- Acharya Neeraj sharma
- 26 जून 2025
- 3 मिनट पठन

🌑 गुप्त नवरात्रि क्या है?
गुप्त नवरात्रि, देवी दुर्गा की नौ शक्तियों की उपासना का एक गुप्त और रहस्यमयी स्वरूप है। यह मुख्य रूप से तंत्र-मंत्र, योग और साधना करने वालों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। इसका नाम "गुप्त" इसलिए है क्योंकि इस दौरान की जाने वाली पूजा और साधनाएँ गुप्त, रहस्यमयी और गोपनीय होती हैं।
📅 गुप्त नवरात्रि कब मनाई जाती है?
हर साल दो बार:
माघ मास (जनवरी–फरवरी) की शुक्ल पक्ष में
आषाढ़ मास (जून–जुलाई) की शुक्ल पक्ष में
👉 जबकि चैत्र और शारदीय नवरात्रि सार्वजनिक होती हैं, गुप्त नवरात्रि आंतरिक साधना और तांत्रिक प्रयोगों के लिए जानी जाती है।
🧘♂️ गुप्त नवरात्रि का उद्देश्य क्या है?
उद्देश्य | विवरण |
आध्यात्मिक साधना | आत्म-शुद्धि, मन की एकाग्रता और आत्मज्ञान की प्राप्ति। |
तांत्रिक प्रयोग | विशेष शक्तियों, मंत्र सिद्धि, वशीकरण, मोहिनी आदि प्रयोगों के लिए उपयुक्त काल। |
दुश्मनों पर विजय | बगलामुखी, काली, चामुंडा आदि की साधना से शत्रु बाधा से मुक्ति। |
रोग नाश और रक्षा | दुर्भाग्य, रोग, काला जादू और बुरी नज़र से बचाव हेतु उपासना। |
मंत्र सिद्धि | इस समय किया गया मंत्र जाप जल्दी सिद्ध होता है। |
🔟 गुप्त नवरात्रि में पूजित महाविद्याएँ:
गुप्त नवरात्रि में दुर्गा के दस रहस्यमयी रूपों की पूजा होती है, जिन्हें दस महाविद्या कहा जाता है:
काली
तारा
त्रिपुरसुंदरी (शोदरात्रि)
भुवनेश्वरी
छिन्नमस्ता
भैरवी
धूमावती
बगलामुखी
मातंगी
कमला
इनकी साधना उच्च स्तर के योगी या तांत्रिक ही करते हैं।
🙏 आम लोगों के लिए गुप्त नवरात्रि कैसे मनाएं?
यदि आप आम श्रद्धालु हैं, तो आप साधारण पूजा विधि से गुप्त नवरात्रि मना सकते हैं:
🌼 साधारण पूजा विधि:
प्रतिदिन सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
मां दुर्गा की मूर्ति/चित्र पर फूल, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित करें।
नीचे दिए गए मंत्र का जाप करें:
"ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे" (108 बार)
यदि संभव हो, तो 9 दिन व्रत रखें या केवल सात्विक भोजन करें।
अंतिम दिन कन्या पूजन करें।
⚠️ विशेष ध्यान देने योग्य बातें:
गुप्त साधनाएँ केवल अनुभवी गुरु के निर्देशन में ही करनी चाहिए।
बिना अनुमति या ज्ञान के किसी तांत्रिक प्रयोग से हानि भी हो सकती है।
सात्विक रहन-सहन, संयम और एकाग्रता से ही फल प्राप्त होता है।
बहुत अच्छा! 🙏आपके आग्रह पर, मैं यहां गुप्त नवरात्रि की एक सरल, प्रभावशाली और सात्विक पूजा विधि, साथ ही महाविद्याओं की संक्षिप्त जानकारी और उनके मंत्र दे रहा हूँ। यह सब गुरु के बिना भी आप अपने स्तर पर श्रद्धा और साधना से कर सकते हैं, यदि आप पूरी श्रद्धा से करें।
🪔 गुप्त नवरात्रि की दैनिक पूजा विधि (आम श्रद्धालुओं के लिए)
✨ पूजन सामग्री:
मां दुर्गा या काली माता की तस्वीर या मूर्ति
लाल फूल, कुमकुम, अक्षत (चावल), घी का दीपक
नारियल, फल, मिठाई (नैवेद्य)
जल का कलश, कपूर, अगरबत्ती
आसन (कुश, ऊन या कपड़े का)
🌄 रोज़ाना की विधि (सुबह के समय):
स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें
पूजा स्थान को साफ कर के आसन बिछाएँ
मां दुर्गा का ध्यान करें और दीपक जलाएं
नीचे दिया गया संकल्प करें:
"आज गुप्त नवरात्रि के पावन अवसर पर, मैं मां दुर्गा की उपासना कर अपने जीवन की बाधाओं को दूर करना चाहता/चाहती हूं। कृपया मुझे शक्ति, बुद्धि और शांति प्रदान करें।"
मंत्र जप करें (108 बार माला से):
"ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे"
(यह सबसे प्रभावशाली दुर्गा मंत्र है)
भजन/आरती गाएं:
“जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी…”
फल, नारियल, मिठाई आदि अर्पित करें
अंत में शांति पाठ करें:
"ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः"
🕉️ 10 महाविद्याओं की जानकारी और मंत्र:
# | महाविद्या | शक्ति | उपयोगिता | बीज मंत्र |
1 | काली | विनाश और नवसृजन | भय और शत्रु नाश | ॐ क्रीं कालिकायै नमः |
2 | तारा | रक्षा और ज्ञान | मृत्यु के भय से रक्षा | ॐ ह्रीं स्त्रीं हूं फट् |
3 | त्रिपुरसुंदरी | सौंदर्य, प्रेम, ऐश्वर्य | जीवन की सभी कामनाएँ | ॐ ऐं क्लीं सौः |
4 | भुवनेश्वरी | ब्रह्मांड की अधिष्ठात्री | संसार में संतुलन | ॐ ह्रीं भुवनेश्वर्यै नमः |
5 | छिन्नमस्ता | आत्मबल | बलिदान, आत्मसंयम | ॐ ह्रीं छिन्नमस्तिकायै नमः |
6 | भैरवी | तेज और शक्ति | बुराई नाश, तंत्र रक्षा | ॐ ह्रीं भैरव्यै नमः |
7 | धूमावती | त्याग और वैराग्य | विधवा रूप, एकांत साधना | ॐ धूं धूमावत्यै नमः |
8 | बगलामुखी | शत्रु स्तम्भन | वाद-विवाद में विजय | ॐ ह्लीं बगलामुख्यै नमः |
9 | मातंगी | विद्या और कला | संगीत, वाणी की सिद्धि | ॐ ह्रीं मातंग्यै नमः |
10 | कमला | लक्ष्मी स्वरूप | धन, वैभव, समृद्धि | ॐ श्रीं कमलायै नमः |

# | महाविद्या | किसलिए उपयुक्त |
1 | काली | शत्रु नाश, भय से मुक्ति, तंत्र-सिद्धि |
2 | तारा | जीवन रक्षा, संतान सुख, ज्ञान |
3 | त्रिपुरसुंदरी / ललिता | प्रेम, विवाह, आकर्षण, सुंदरता, सौभाग्य |
4 | भुवनेश्वरी | पारिवारिक सुख, घर में समृद्धि |
5 | छिन्नमस्ता | आत्मबल, बलिदान, त्याग |
6 | भैरवी | कठिन साधना, तांत्रिक उन्नति |
7 | धूमावती | एकांत साधना, वैराग्य |
8 | बगलामुखी | शत्रु वश, कोर्ट केस में जीत, वाक्-शक्ति |
9 | मातंगी | संगीत, कला, वाणी सिद्धि |
10 | कमला | लक्ष्मी प्राप्ति, धन, व्यापार में सफलता |


सनातन परंपरा राष्ट्र सेवा व समस्त विश्व के उत्थान के लिए उत्कृष्ट कार्य जय मां महामाया।।।